Monday, March 15, 2021

Khoya Khoya Chand: Sanskrit Version (Lyrics लुप्तश्चन्द्रमा: ) by Dr.Harekrishna Meher: DDNews Vaartavali

Sanskrit Version of Original Hindi Song
* Khoya Khoya Chand Khula Aasman * 

खोया खोया चांद खुला आसमां * 
Film 'Kala Bazaar' (1960)
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Sanskrit Translation by : Dr. Harekrishna Meher 
(As per Original Hindi Tune)
Sanskrit Version Lyrics : * लुप्तश्चन्द्रमा: विमुक्ताम्बरम् *
‘Luptashchandramaah Vimuktambaram’.
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Winner in Sanskrit Lyric Translation Competition
Conducted by Sanskrit Vaartaavali, DDNEWS Channel, Delhi.
Song Program Telecast on 13 March 2021, Saturday at 6 pm.
Sanskrit Singer: Kuldeep Joshi (New Delhi)
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Courtesy and Gratitude to : 

DDNEWS, Sanskrit Vaartavali: Full Episode (13 March 2021): 

YouTube Link : https://youtu.be/GdMSwDZitks

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Separate Video Song: YouTube: HKMeher Channel: Link : 

https://youtu.be/afISwnknTHY

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हिन्दी गीत: * खोया खोया चांद *
मूलस्वरानुकूल-संस्कृतानुवादक: डा. हरेकृष्ण-मेहेर: 
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लुप्तश्चन्द्रमा:, विमुक्ताम्बरम्,
नेत्रे वै सर्वा शर्वरी गन्ता,
निद्रा वा कीदृक् त्वामप्यायाता ।
लुप्तश्चन्द्रमा: ।। (०)
*
मत्तो यदा, समीरोsवहत्,
हृत्कलिरियं प्रफुल्लाsभवत् ।
मनसोsयनं समान्दोलितम्,
आकारय तामवश्यम् ।। ओहो..हो..
लुप्तश्चन्द्रमा: ।। (१)
*

तारावली च दृश्योच्चया:,
सर्वमचलत्  समं तद् मया ।
परितोsचलद्  हि नैकेङ्गितम्,
कस्यापि वै भव त्वम् ।। ओहो..हो..
लुप्तश्चन्द्रमा: ।। (२)
*
रात्री ह्येवम्, सिक्तेवेयम्,
करयो: करौ च सा स्यु: साकम् ।
ब्रूयामेवं हि तां हृद्-वाचम् । 

पीडय नाधुना त्वम् ।। ओहो.. हो..
लुप्तश्चन्द्रमा: ।। (३)
*
यस्या: कृते, उच्छन्नोsस्म्यहम्,
मौनं गता सा वाग्-वर्जितम् ।
कोsपि हि वदेत् तामीषद् गिरम् ,
नो एवं स्वीकुरु त्वम् ।। ओहो.. हो..
लुप्तश्चन्द्रमा: ।।
लुप्तश्चन्द्रमा: ।। (४)
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Blog Link : 

Sanskrit Version of 'Khoya Khoya Chand' : http://hkmeher.blogspot.com/2021/03/khoya-khoya-chand-sanskrit-version.html 

Facebook Link : https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=6022279021131590&id=100000486559190

Twitter Link : https://twitter.com/DrHarekrishnaM/status/1371434693019639808?s=19 

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मूल हिन्दीगीत: खोया खोया चांद *
चलचित्र - काला बाजार (१९६०) *
गीतकार - शैलेन्द्र *
संगीतकार - सचिन देव बर्मन् *
गायक - मोहम्मद रफी *
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खोया खोया चांद, खुला आसमां,
आंखों में सारी रात जाएगी,
तुमको भी कैसे नींद आएगी ।
खोया खोया चांद ।। (०)
*
मस्तीभरी  हवा जो चली,
खिल-खिल गयी, ये दिल की कली ।
मन की गली में है खलबली ।
कि उनको तो बुलाओ । ओहो.. हो..
खोया खोया चांद ।। (१)
*
तारे चले  नजारे चले,
संग-संग मेरे, वो सारे चले ।
चारों तरफ इशारे चले ।
किसीके तो हो जाओ । ओहो.हो..
खोया खोया चांद ।। (२)
*
ऐसी ही रात, भीगी-सी रात,
हाथों में हाथ, होते वो साथ ।
कह लेते उनसे दिल की ये बात ।
अब तो ना सताओ । ओहो..हो..
खोया खोया चांद ।। (३)
*
हम मिट चले, हैं जिनके लिये,
बिन कुछ कहे, वो चुप-चुप रहे ।
कोई ज़रा, ये उनसे कहे ।
ना ऐसे आजमाओ । ओहो..हो..
खोया खोया चांद । 
खोया खोया चांद ।।  (४)
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Related Link : 

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* चलचित्र-गीत-संस्कृतायनम् *
http://hkmeher.blogspot.com/2017/05/chalachitra-gita-sanskritayanam.html?m=1

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Contributions of Dr.Harekrishna Meher to Sanskrit Literature :

https://hkmeher.blogspot.com/2013/04/drharekrishna-mehers-contributions-to.html

Biodata: Dr. Harekrishna Meher : 

http://hkmeher.blogspot.com/2012/06/brief-biodata-english-dr-harekrishna.html

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Sunday, February 28, 2021

Naino Mein Badraa Chhaye: Sanskrit Version (Lyrics नेत्रे वै मुदिरो व्याप्त:): Dr.Harekrishna Meher: DDNews Vaartavali

Sanskrit Version of Hindi Song  
‘Naino Mein Badraa Chhaaye’ 
* नैनों में बदरा छाए * (Film ‘Mera Saaya’ 1966)  
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Sanskrit Translation by : Dr. Harekrishna Meher
(As per Original Hindi Tune) 
Sanskrit Version Lyrics : * नेत्रे वै मुदिरो व्याप्त: * 
‘Netre Vai Mudiro Vyaaptah’. 
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Winner in Sanskrit Lyric Translation Competition 
Conducted by Sanskrit Vaartaavali, DDNEWS Channel, Delhi. 
Song Program Telecast on 27 February 2021, Saturday at 6 pm. 
Sanskrit Singer: Sadhana Kakatkar (Maharashtra)
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Sanskrit Song starts during second half and continues till the end of the Full Episode of Vaartavali Video. So please see till the end.
In FaceBook Post, Screen shots are taken from the video of 27-02-2021 episode. 
Courtesy and Gratitude to: 
DDNEWS, Sanskrit Vaartavali: Full Episode (27 February 2021): 
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Separate Song: HKMeher Channel : 
YouTube Link : https://youtu.be/_xsJMpuTJbU

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मूल-हिन्दीगीतम् : नैनों में बदरा छाए *  
चलचित्रम् : मेरा साया (१९६६) *  
मूलस्वरानुकूल-संस्कृतानुवादकः - डॉ. हरेकृष्ण-मेहेरः 
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नेत्रे वै मुदिरो व्याप्त: , 
चपलावद् दीप्ता हन्त ! 
कान्त हे ! स्थितौ मामस्याम्, 
कुरु कण्ठ-लग्नाम् ।
नेत्रे वै मुदिरो व्याप्त: ।। (०) 
*
मदिरायां मग्ने दृश्यौ, 
सुविलोले द्वे वै सख्यौ । 
चालयिष्यतस्ते स्वीयम् , 
पक्ष्माली-चारु-व्यजनम् । 
त्रपया दातारौ तुभ्यम्, मदिराया: पात्रम् । 
नेत्रे वै मुदिरो व्याप्त: ।। (१) 
*
अस्म्यहं प्रेमोन्मत्ता, 
स्वप्नानां राज्ञी चाहम् । 
गतजन्मतोsहं विद्ये, 
त्वत्प्रेम-गाथा नूनम् ।  
जन्मेsप्यस्मिन् आयात:, मां स्वीकुरु त्वम् ।। 
नेत्रे वै मुदिरो व्याप्त: ।। (२) 
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ज्ञातव्यम् : 
* दृशी (स्त्रीलिङ्गे), नदीशब्दवत्, नयनार्थे, प्रथमा- द्विवचने 'दृश्यौ' । 
अयं नूतन-प्रयोग: मया कृत: । रूपं शुद्धम् । शब्दकल्पद्रुम-कोषादौ विद्यते । 
* जन्मे = जन्मनि । जन्मन् (क्लीवे, कर्मशब्दवत् भवति)। जन्म (क्लीवे, फलशब्दवत्) सप्तम्येकवचने 
'जन्मे' । अयमपि नूतन-प्रयोग:, मया अन्यत्र पूर्वमेव कृत: । व्याकरणदृष्ट्या कोषादौ सर्वं शुद्धरूपं दर्शितम् । 
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मूल-हिन्दीगीत : नैनों में बदरा छाए * 
चलचित्र : मेरा साया (१९६६) 
गीतकार : राजा अली खान *  
संगीतकार : मदन मोहन * 
गायिका : लता मंगेशकर  *  
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नैनों में बदरा छाए, 
बिजली-सी चमके हाए । 
ऐसे में बालम मोहे, गरवा लगा ले । 
नैनों में बदरा छाए ।। (०) 
*
मदिरा में डूबी अखियां, 
चंचल हैं दोनों सखियां । 
झलती रहेंगी तोहे, पलकों की प्यारी पखियां । 
शरमाके देंगी तोहे, मदिरा के प्याले ।  
नैनों में बदरा छाए ।। (१) 
*
प्रेम-दीवानी हूं मैं, 
सपनों की रानी हूं मैं । 
पिछले जनम से तेरी, प्रेम-कहानी हूं मैं । 
आ इस जनम में भी तू, अपना बना ले । 
नैनों में बदरा छाए ।। (२) 
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Related Link : 

Chalachitra-Gita-Sanskritayanam : 
http://hkmeher.blogspot.com/2017/05/chalachitra-gita-sanskritayanam.html
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Friday, January 22, 2021

Pankh Hote To Ud Aati Re: Sanskrit Version (Lyrics: पक्षौ चेदुड्डीना आगच्छेयम्): Dr.Harekrishna Meher : DDNews Vaartavali

 Original Hindi Film Song : ‘Pankh Hote To Ud Aati Re’ *

पंख होते तो उड़ आती रे *  (Film ‘Sehra’ 1963) 

Sanskrit Translation by : Dr. Harekrishna Meher

(As per Original Hindi Tune)

Sanskrit Version Lyrics : पक्षौ चेदुड्डीना आगच्छेयम् *  

 ‘Pakshau Ched Uddinaa Aagachchheyam’  

*

Winner in Sanskrit Lyric Translation Competition

Conducted by Sanskrit Vaartaavali, DD News Channel, Delhi.

Song Program Telecast on 16 January 2021, Saturday at 6.30 pm.

Recast on 17 January 2021, Sunday at 10.30 pm.

*

Courtesy and Gratitude to :

DDNEWS, Sanskrit Vaartavali : Full Episode (16 January 2021): 

(Song Incomplete) YouTube Link: https://youtu.be/zwK0bg95yuI

*

Sanskrit Version Song (A Part only): Posted by DDNews on Youtube:

Link :  https://youtu.be/lXgtfiZZnuo

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मूल-हिन्दीगीतम् : पंख होते तो उड़ आती रे ! * 

चलचित्रम् : सेहरा (१९६३) * 

मूलस्वरानुकूल-संस्कृतानुवादकः -  डॉ. हरेकृष्ण-मेहेरः  

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पक्षौ चेदुड्डीना आगच्छेयम्, 

प्रणयिन् ओ जाल्म रे ! 

हृदस्त्वां क्षतं नु दर्शयेयम् ॥ (०) 

*

स्मृतौ लीनाऽहं  गगनं ह्युपगता,

भूत्वा विहगी सम्प्रीति-भरिता । 

दूरतोऽपश्यं  रम्यर्तुरासीत्,

रे आगन्तः ! नैव त्वमासीः ।

प्रणयिन् ओ जाल्म रे ! 

हृदस्त्वां क्षतं नु दर्शयेयम् ॥ 

पक्षौ चेदुड्डीना आगच्छेयम्, 

प्रणयिन् ओ जाल्म रे ! 

हृदस्त्वां क्षतं नु दर्शयेयम् ॥ (१) 

*

किरणो भूत्वा  व्यातन्वि बाहम्,

यात्वाशा-मेघे तरङ्गायिताऽहम् ।

दोलितं मया  वाचा-दोलायाम्, 

त्वं विस्मृतवान्  वाचामपि स्वाम् ।

प्रणयिन् ओ जाल्म रे ! 

हृदस्त्वां क्षतं नु दर्शयेयम् ॥ 

पक्षौ चेदुड्डीना आगच्छेयम्, 

प्रणयिन् ओ जाल्म रे ! 

हृदस्त्वां क्षतं नु दर्शयेयम् ॥

पक्षौ चेदुड्डीना आगच्छेयम् ॥ (२) 

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FaceBook Link: 

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=5750645264961635&id=100000486559190

*

Twitter Link: 

https://twitter.com/DrHarekrishnaM/status/1350806738140741638?s=19

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मूल-हिन्दीगीत : पंख होते तो उड़ आती रे *

चलचित्र : सेहरा (१९६३) * गीतकार : हसरत  जयपुरी * 

संगीतकार : रामलाल चौधरी *

गायिका : लता मंगेशकर  *           

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पंख होते तो उड़ आती रे !

रसिया ओ जालिमा !

तुझे दिल का दाग दिखलाती रे ! ॥ (०)

*

यादों में खोयी  पहुँची गगन में,

पंछी बनके  सच्ची लगन में ।

दूर से देखा मौसम हसीं था,

आनेवाले ! तू ही नहीं था ।

रसिया ओ जालिमा !

तुझे दिल का दाग दिखलाती रे !

पंख होते तो उड़ आती रे !

रसिया ओ जालिमा !

तुझे दिल का दाग दिखलाती रे ! ॥ (१)

*

किरनें बनके  बाहें फैलायी,

आस के बादल पे  जाके लहरायी ।

झूल चुकी मैं  वादे का झूला,

तू तो अपना वादा भी भूला ।

रसिया ओ जालिमा !

तुझे दिल का दाग दिखलाती रे !

पंख होते तो उड़ आती रे !

रसिया ओ जालिमा !

तुझे दिल का दाग दिखलाती रे ! ॥ (२)

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Related Links :

Pankh Hote To Ud Aati Re (Sanskrit Version Lyrics) :

Blog Link:  http://hkmeher.blogspot.com/2021/01/pankh-hote-to-ud-aati-re-sanskrit.html

* * *                                                 

‘Chalachitra-Gita-Sanskritaayanam’: चलचित्र-गीत-संस्कृतायनम्  
(Anthology of Sanskrit Versions of Film Songs) 

Link :  http://hkmeher.blogspot.com/2017/05/chalachitra-gita-sanskritayanam.html

* * * 

Biodata: Dr. Harekrishna Meher :

http://hkmeher.blogspot.com/2012/06/brief-biodata-english-dr-harekrishna.html

* * * 

YouTube Videos (Search): Dr. Harekrishna Meher :

https://www.youtube.com/results?search_query=%22hkmeher%22+videos

* * * 

VIDEOS of Dr.Harekrishna  Meher : 

Link : http://hkmeher.blogspot.com/2016/04/videos-of-drharekrishna-meher-sanskrit.html

* * * 

Dr. Harekrishna Meher on Radio and Doordarshan Channels:

Link : http://hkmeher.blogspot.com/2017/04/dr-harekrishna-meher-on-radio.html

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Friday, December 25, 2020

Kisi Raah Mein Kisi Mod Par: Sanskrit Version (Lyrics: कस्मिंश्चित् पथे विवर्त्ते क्वचित्): Dr.Harekrishna Meher

Original Hindi Film Song : ‘Kisi Raah Mein Kisi Mod Par*

किसी राह में किसी मोड़ पर *  (Film ‘Mere Hamsafar’ 1970) 

*

Sanskrit Translation by : Dr.Harekrishna Meher

(As per Original Hindi Tune)                                                                  

Sanskrit Version Lyrics : कस्मिंश्चित् पथे विवर्त्ते क्वचित् * 

‘Kasminshchit Pathe Vivarte Kvachit’             

*

Participated in Sanskrit Lyric Translation Competition

Conducted by Sanskrit Vaartaavali, DD News Channel, Delhi.

Name enlisted in the Program Telecast on 5 December 2020,

Saturday at 6 pm.

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हिन्दीगीत : किसी राह में किसी मोड़ पर *

* (चलचित्रम् : मेरे हमसफ़र )                         

मूलस्वरानुकूल-संस्कृतानुवादकः - डॉ. हरेकृष्ण-मेहेरः

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(स्त्री)

कस्मिंश्चित् पथे, विवर्त्ते क्वचित्,

न मां हित्वा याहि वै, क्वापि त्वम् ।                                          

सहयात्रिन् ! मे, सहयात्रिन् ! मे ॥                                           

(पु)

दशायां क्वचित्, वृत्ते क्वापि वा,   

न मां हित्वा याहि वै, क्वापि त्वम् ।                                             

मम सङ्गिनि !, सहयात्रिणि ! ॥ (०)

*

(स्त्री)

मम हृद् ब्रूते, क्वचित् स्यान्नेदम्,    

नहि, स्यान्नेदम्, नहि स्यान्नेदम् ।

क्वचिद् वासरे  त्वद्-वियुक्ताहम् 

भ्रमेयं त्वामन्विष्य, प्रतिद्वारम् ।    

सहयात्रिन् ! मे,  सहयात्रिन् ! मे ॥ (१) 

*

(पु)

वासन्त्यस्ति छाया हि ते वर्णः,  

रूपं भाति ते  प्रेम-दर्पणः ।

एहि गोपायानि, स्वनेत्रे त्वा,   

त्वयि स्यान् नो लग्ना, दृष्टिः क्व वा ।                          

मम सङ्गिनि !, सहयात्रिणि ! ॥ (२)

*

(स्त्री) त्वत्सङ्गोऽस्ति चेद्, आस्ते जीवितम्,  

(पु) प्रेमा तेऽस्ति चेद्, ज्योति-र्दीपितम् ।    

(स्त्री) क्व वा याता दिवसोऽयं, किं ज्ञातम् ।

(पु) भवेद् यामिनी क्व वा, किं वृत्तम् ।

     मम सङ्गिनि ! सहयात्रिणि ! ॥ (३)

*

(स्त्री) कस्मिंश्चित् पथे,

(पु) विवर्त्ते क्वचित्,

(स्त्री) न मां हित्वा याहि वै, क्वापि त्वम् ।                                   

(उभौ) सहयात्रिन् ! मे, सहयात्रिन् ! मे ॥

         मम सङ्गिनि !  सहयात्रिणि ! ॥

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Blog Link:

 

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FaceBook : Link :

 

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Twitter : Link:

 

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हिन्दीगीत : किसी राह में किसी मोड़ पर * 

चलचित्र : मेरे हमसफर  (१९७०) *  

गीतकार : आनन्द बक्शी *                          

सङ्गीतकार :  कल्याणजी आनन्दजी *            

गायक : लता मंगेशकर एवं मुकेश *        

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(स्त्री)

किसी राह में किसी मोड़ पर,

कहीं चल न देना तू छोड़कर ।

मेरे हमसफर , मेरे हमसफर  ! 

(पु)

किसी हाल में किसी बात पर,

कहीं चल न देना तू छोड़कर ।

मेरे हमसफर , मेरे हमसफर  ! ॥ (०)

*

(स्त्री)

मेरा दिल कहे  कहीं ये ना हो,

नहीं, ये ना हो, नहीं, ये ना हो । 

किसी रोज तुझसे बिछड़के मैं

तुझे ढूँढती फिरूँ दर-वदर   

मेरे हमसफर , मेरे हमसफर  ! ॥ (१)

*

(पु)

तेरा रंग साया बहार का,

तेरा रूप आईना प्यार का ।

तुझे आ नज़र में छुपा लूँ मैं

तुझे लग ना जाये कहीं नज़र ।

मेरे हमसफर , मेरे हमसफर  ! ॥ (२)

*

(स्त्री) तेरा साथ है ओ है ज़िन्दगी,

(पु) तेरा प्यार है तो है रोशनी ।

(स्त्री) कहाँ दिन ये ढल जाये क्या पता,

(पु) कहाँ रात हो जाये क्या खबर ।

     मेरे हमसफर , मेरे हमसफर  ! ॥ (३)

*

(स्त्री) किसी राह में

(पु) किसी मोड़ पर,

(स्त्री) कहीं चल न देना तू छोड़कर ।

(उभय) मेरे हमसफर , मेरे हमसफर  ! ॥  

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Related Links :

‘Chalachitra-Gita-Sanskritaayanam’: चलचित्र-गीत-संस्कृतायनम्  :

Link : http://hkmeher.blogspot.com/2017/05/chalachitra-gita-sanskritayanam.html

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Biodata: Dr. Harekrishna Meher :

http://hkmeher.blogspot.com/2012/06/brief-biodata-english-dr-harekrishna.html

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YouTube Videos (Search): Dr. Harekrishna Meher :

https://www.youtube.com/results?search_query=%22hkmeher%22+videos

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VIDEOS of Dr.Harekrishna  Meher : 

Link: http://hkmeher.blogspot.com/2016/04/videos-of-drharekrishna-meher-sanskrit.html

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Dr. Harekrishna Meher on Radio and Doordarshan Channels:

Link: http://hkmeher.blogspot.com/2017/04/dr-harekrishna-meher-on-radio.html

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