Thursday, April 24, 2008

बादल तू ही सुधा-जल तू ही / Devotional Hindi Song

भक्ति-गीत : बादल तू ही सुधा-जल तू ही
गीत एवं स्वर-रचना : डा. हरेकृष्ण मेहेर

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My Devotional Hindi Song
Bādal Tū Hī Sudhā-Jal Tū Hī
(Lyrics and Tuning by : Dr. Harekrishna Meher)
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बादल तू ही, सुधा-जल तू ही्,
शीतल तू ही, सुकोमल तू ही
प्रभु हे ! हरि तू ही हरे सब घाम
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम ()
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अन्दर तू ही, उपेन्दर तू ही,
सुन्दर तू ही, समुन्दर तू ही
प्रभु हे ! तेरा रूप नयनाभिराम
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम ()
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निर्मल तू ही, समुज्ज्वल तू ही,
भक्त-आँखों का कज्जल तू ही
हरि हे ! तू ही सज्जन-शीश-ललाम
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम ()
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भक्ति-सुधा का झरना बहे,
मन में रहे, ये रसना कहे
हरि हे ! सदा हरेकृष्ण हरेराम,
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम ()
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इन्द्र-धनुषी सरगम तू ही,
जीवन-कला- सुसंगम तू ही
प्रभु हे ! तू ही ब्रह्म-नाद सुख-धाम
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम ()
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ईश्वर तू ही, अनश्वर तू ही,
अम्बर तू ही, चराचर तू ही
प्रभु हे ! तुझे मेरा अनन्त प्रणाम
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम ()
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जग-निर्माता, तू ही विधाता,
सबसे है तेरा अनमोल नाता
हरि हे ! तू ही आदि मध्य परिणाम
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम ()
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तुझे मैं चाहूँ , तुझको बुलाऊँ,
तेरे बिन कैसे शोक भुलाऊँ ?
प्रभु हे ! फिर कैसे रहूँ निष्काम ?
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम ()
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तेरे चरणों में खुशियाँ प्यारी,
तेरी माया है, ये दुनिया सारी
हरि हे ! ले भक्त-जनों को थाम
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम ()
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जग में अकेला, तू ही निराला,
आनन्द-भरा सुबह का उजाला
प्रभु हे ! फिर तू ही शान्तिभरी शाम
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम (१०)
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हर दुःख में भी, रहे सुख में भी,
हृदय में गूँजे, मेरे मुख में भी
हरि हे ! तेरा मंगलमय शुभ नाम
हरेराम घनश्याम, हरि हे श्रीराम (११)

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[Published in 'Sangeet', Music Magazine,
September 2003, Geet-Gunjan page-47,
Sangeet Karyalaya, Hathras, Uttar Pradesh, India.]
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