Monday, November 27, 2017

‘O Majhi Re, Apnaa Kinaara’ Song: Sanskrit Version: Lyrics 'नौवाह रे ! स्वकीयं प्रतीरम्' : Dr. Harekrishna Meher: Vaartavali

Original Hindi Film Song : ओ माँझी  रे ! अपना किनारा * 
‘O Majhi Re, Apna Kinara’ (Film ‘Khushboo’,1975) 
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Sanskrit Translation by :  Dr. Harekrishna Meher
(As per Original Hindi Tune)
Sanskrit Version Lyrics : नौवाह रे ! स्वकीयं प्रतीरम्, सरितोऽस्ति धारा वै । * 
"Nauvaaha Re ! Svakiyam Pratiram, Sarito'sti Dhaara Vai"  
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Winner in Sanskrit Lyric Translation Competition
conducted by Sanskrit Vaartaavali, DD News Channel, Delhi.
Program telecast on Saturday, 25-11-2017 at 6.30 pm.
Repeated on Sunday, 26-11-2017 at 12.30 pm.    
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Sanskrit Song : HKMeher's YouTube Link : 
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Vaartavali: Full Episode : YouTube Link :
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Vaartavali: Complete Sanskrit Song: Link :
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HKMeher FaceBook Link : 
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मूलहिन्दी-गीत : ओ माँझी रे ! अपना किनारा  *
चलचित्र :  खुशबू (१९७५)  *
मूलस्वरानुकूल-संस्कृतानुवादकः - डॉ. हरेकृष्ण-मेहेर: 
संस्कृत-गायकः : फिरोजः (जयपुरम्)  
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नौवाह  रे  !  नौवाह  रे  ! 
स्वकीयं  प्रतीरम् , सरितोऽस्ति धारा वै । 
नौवाह  रे !  स्वकीयं प्रतीरम् ,
सरितोऽस्ति धारा वै  ॥  नौवाह  रे ! (०)
*
पार्श्व-तीरे  प्लवन-रत हे  !  
कदा क्वचिद् वा नूनं श्रुतम्  । ओ…   
हो., वर्त्तते हि   क्वापि तीरम् ,
न कार्गजीनां  नावां कृते । 
नौवाह  रे ! (नौ)वाह  रे !
कोऽपि तटो वा, यस्तटेन संयुतोऽसौ,  
स्वकीयं  प्रतीरं  वै  । 
नौवाह  रे !  स्वकीयं प्रतीरम् , 
सरितोऽस्ति धारा वै  ॥  नौवाह  रे  !  (१) 
*
तोय-मध्ये  संप्लवन्ते,
तटा विभग्नाः  सन्तो नैके । ओ…
हो., सम्मिलन्तः  सन्ति मार्गे,  
कदा सहायाः  विश्लिष्टा ये ।  
नौवाह  रे  !  (नौ)वाह  रे !
कोऽपि सहायो मध्येधारं यो मिलेद् वा,  
स्वकीयः सहायो वै  ।  
नौवाह  रे ! स्वकीयं प्रतीरम्, सरितोऽस्ति धारा वै । 
सरितोऽस्ति धारा वै, सरितोऽस्ति धारा वै  ॥ (२)
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[* कर्गजस्य इयम्, कार्गजी, कार्गजा वा, नौः इत्यस्य षष्ठी-बहुवचने, कार्गजीनां कार्गजानां वा नावाम् । ]
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Original Hindi Song from Film ‘Khushboo’ *   
मूलहिन्दी-गीत : ओ माँझी रे ! अपना किनारा  *
चलचित्र : खुशबू (१९७५)  *  गीतकार : गुलज़ार  *
संगीतकार : राहुल देव बर्मन् *  गायक : किशोर कुमार  *
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ओ माँझी  रे  !  ओ माँझी  रे  ! 
अपना किनारा, नदिया की धारा है  ।  
ओ माझी  रे ! अपना किनारा, नदिया की धारा है  ॥ (०)
*
साहिलों पे  बहनेवाले,   
कभी सुना तो होगा कहीं  । ओ... 
कागज़ों की  कश्तियों का,
कहीं किनारा  होता नहीं ।
ओ माँझी रे  !  माँझी रे  !  
कोई किनारा, जो किनारे से मिले वो,  
अपना किनारा है  ।  
ओ माँझी रे  ! अपना किनारा,
नदिया की धारा है  ॥ ओ माझी रे  ! (१)
*
पानियों में  बह रहे हैं,
कई किनारे  टूटे हुए  । ओ…
हो., रास्तों में  मिल गये हैं,
कभी सहारे  छूटे हुए  । 
ओ माँझी रे  !  माँझी रे  ! 
कोई सहारा  मझधारे  में मिले जो,
अपना सहारा है  ।  
ओ माँझी रे  ! अपना किनारा,  
नदिया की धारा है ।
नदिया की धारा है,  नदिया की धारा है  ॥ (२)
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 Related Links :
‘Chalachitra-Gita-Sanskritaayanam’: चलचित्र-गीत-संस्कृतायनम्  : 
(Anthology of Sanskrit Versions of Film Songs) 
Link : 
* * *   
Biodata: Dr. Harekrishna Meher :
* * * 
YouTube Videos (Search): Dr. Harekrishna Meher:
* * * 
VIDEOS of Dr. Harekrishna Meher  
Link : 
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