Thursday, August 15, 2019

‘Ae Mere Watan Ke Logon’: Sanskrit Version (Lyrics: हे मद्देश-स्वजनाः ! यूयम् : Dr. Harekrishna Meher): DD News Sanskrit Vaartavali

Original Hindi Song : * Ae Mere Watan Ke Logon *
ऐ मेरे वतन के लोगों ! जरा आँख में भर लो पानी *  (Non-Film Song, 1963)
Lyrics : Kavi Pradeep *  Music Director: C. Ramachandra *
Hindi Singer : Lata Mangeshkar  *  
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Sanskrit Translation by : Dr. Harekrishna Meher
(As per Original Hindi Tune)
Sanskrit Version Lyrics : हे मद्देश-स्वजनाः ! यूयम् * 
* He Maddesha-Svajanaah ! Yuyam *    
 Sanskrit Singer : Sarita Bhave ( Maharashtra)  
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Program Telecast on DD NEWS Channel, Delhi,  
in its Special Episode of Sanskrit Vaartavali on the occasion of
Independence Day, 15 August 2019, Thursday at 7 pm.  
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Courtesy: DD NEWS,  Sanskrit Vaartavali. 
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Sanskrit Vaartavali : Full Episode (15 August 2019):
Video Link : 
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YouTube : HKMeher Channel : Link:
मूल-हिन्दी-गीतम् :
* ऐ मेरे वतन के लोगों ! जरा आँख में भर लो पानी *
(अ-चलचित्र-गीतम्, 1963)
गीतिकारः - कविः प्रदीपः *  सङ्गीतकारः -  सी. रामचन्द्रः *
गायिका : लता-मंगेशकरः *
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मूलस्वरानुकूल- संस्कृतानुवादकः - डॉ. हरेकृष्ण-मेहेरः   ‍ ‍
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हे मद्देश-स्वजनाः ! यूयम् , कुरुध्वं बहुघोषं वाचाम् ,   
शं दिवसमिदं  नः समेषाम् , तरङ्गयत त्रिरङ्गां रम्याम् ।  
न तु विस्मर्यतां सीमायाम् , वीरैः खलु प्राणास्त्यक्ताः,  
कुरुताल्पं तेषां स्मरणम् , ये नो गृहं प्रत्यायाताः ॥   
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हे मद्देश-स्वजनाः ! यूयम् , कुरुताल्पं सजलं नेत्रम् ,   
ये स्वधर्मार्थं हुतप्राणाः, स्मरताल्पं तैः कृत-त्यागम् ॥ 
(मा विस्मरतैतान् योधान् , श्रूयतामतो हि कथेयम् ,
ये स्वधर्मार्थं हुतप्राणाः, स्मरताल्पं तैः कृत-त्यागम् ॥)  
*
हिमशैलो यदा क्षताक्तः, पतितं चापदि स्वातन्त्र्यम् ,
आश्वसितं ते रण-मग्नाः, ततोऽकुर्वन्  स्वशवास्तारम् ।  
निस्त्रिंशके ते धृत-मस्ताः, शिश्यिरे अमराः सोत्सर्गम् ,    
ये स्वधर्मार्थं हुतप्राणाः, स्मरताल्पं तैः कृत-त्यागम् ॥
*
दीपावलिरासीद् देशे, तेऽकुर्वत होली-खेलम् ,  
उपविष्टा आस्म गृहे यद् , ते सेहिरे गुलिकाघातम् ।
वीरास्ते स्वकीया धन्याः, शौर्यं तदीयं धन्यम् ,  
ये स्वधर्मार्थं हुतप्राणाः, स्मरताल्पं तैः कृत-त्यागम् ॥
*
शिखो जाटः को महाराष्ट्री, कोऽपि गोरखा कोऽपि मद्रासी,
सीमान्ते मरणं गन्ता, वीर आसीद् भारतवासी ।
शैले पतितं यद् रक्तम् , तद् भारतीयं वै रक्तम् ,  
ये स्वधर्मार्थं हुतप्राणाः, स्मरताल्पं तैः कृत-त्यागम् ॥
‍*
आसीद् रुधिराप्लुत-देहम् , बन्दूकं तथापि धृत्वा,   
दश-शत्रून्  हत्वैकैकम् , अपतन् निश्चेतना भूत्वा ।
अन्ते समये ते न्यगदन् , साम्प्रतं हि मरणं यामः,
स्यात मुदिताः, देश-प्रिया हे !  अधुना खलु यात्रां कुर्मः ।
ते प्रेमिणो वै किंरूपाः, ते मानिनो वै केऽप्यासन् ,
ये स्वधर्मार्थं हुतप्राणाः, स्मरताल्पं तैः कृत-त्यागम् ॥
*
मा विस्मरतैतान् योधान् , वर्णिता अतो हि कथेयम् ,
ये हि वीरगतिं सम्प्राप्ताः, स्मरताल्पं तैः कृत-त्यागम् ॥
जय भारत ! जय भारत-सेने !  जय भारत ! जय भारत-सेने !
जय भारत ! जय भारत !  जय भारत ! … ॥
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FaceBook : Link:
'Ae Mere Watan Ke Logon !' (Non-Film Hindi Song):
Sanskrit Version: Harekrishna Meher :
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मूल हिन्दी गीत :  ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी * 
गीतकार : कवि  प्रदीप *  गायिका : लता मंगेशकर * 
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मेरे वतन के लोगों ! तुम खूब लगा लो नारा,  
ये शुभ दिन है हम सब का, लहरा लो तिरंगा प्यारा ।
पर मत भूलो सीमा पर, वीरों ने है प्राण गँवाए, 
कुछ याद उन्हें भी कर लो, जो लौट के घर न आये ॥ 
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ऐ मेरे वतन के लोगों !  ज़रा आँख में भर लो पानी, 
जो शहीद हुए हैं उनकी,  ज़रा याद करो कुरबानी ॥
(तुम भूल न जाओ उनको,  इसलिये सुनो ये कहानी ।
जो शहीद हुए हैं उनकी,  ज़रा याद करो कुरबानी ॥)  
*      
जब घायल हुआ हिमालय,  खतरे में पड़ी आज़ादी,
जब तक थी साँस लड़े वो,  फिर अपनी लाश बिछा दी ।
संगीन पे धर कर माथा,  सो गये अमर बलिदानी,
जो शहीद हुए हैं उनकी,  ज़रा याद करो कुरबानी ॥
*
जब देश में थी दीवाली,  वो खेल रहे थे होली,
जब हम बैठे थे घरों में,  वो झेल रहे थे गोली ।
थे धन्य जवान वो अपने,  थी धन्य वो उनकी जवानी,
जो शहीद हुए हैं उनकी,  ज़रा याद करो कुरबानी ॥
*
कोई सिख कोई जाट मराठा, कोई गुरखा कोई मद्रासी,
सरहद पर मरनेवाला,  हर वीर था भारतवासी ।
जो खून गिरा पर्वत पर,  वो खून था हिन्दुस्तानी ।   
जो शहीद हुए हैं उनकी,  ज़रा याद करो कुरबानी ॥
*
थी खून से लथ-पथ काया,  फिर भी बन्दूक उठाके,
दस-दस को एक ने मारा,  फिर गिर गये होश गँवा के ।
जब अन्त-समय आया तो,  कह गये के अब मरते हैं,
खुश रहना देश के प्यारों !  अब हम तो सफ़र करते हैं ।
क्या लोग थे वो दीवाने,  क्या लोग थे वो अभिमानी ।
जो शहीद हुए हैं उनकी,  ज़रा याद करो कुरबानी ॥
*       
तुम भूल न जाओ उनको,  इसलिये कही ये कहानी ।
जो शहीद हुए हैं उनकी,  ज़रा याद करो कुरबानी ॥
जय हिन्द... जय हिन्द की सेना !
जय हिन्द... जय हिन्द की सेना ! 
जय हिन्द, जय हिन्द, जय हिन्द ॥
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